मेरी दहकती चूत

 
loading...

दोस्तो, आपको मेरी रसदार चूत की प्यार भरी नमस्कार।
  यह मेरी पहली कहानी है और एक सत्यकथा है, उम्मीद करती हूँ कि आपको पसन्द आएगी।

कहानी आरम्भ करने से पहले मैं अपने बारे में बताना चाहूँगी। मेरा नाम सरोज है, मैं गाँव में रहने वाली 18 साल की लड़की हूँ।
इस घटना तक मैं किसी भी लड़के से कभी भी नहीं चुदी थी, चूत, चूची, दूध, चुदाई, लण्डम, लौड़ा, फ़ुद्दी इन नामों से मुझे बहुत ज्यादा नफरत होती थी।

पर आज यही शब्द मेरे कमसिन अंगों में हलचल मचा देते हैं, मेरी ऊँगली हमेशा मेरी चूत पर होती है।

छत्तीसगढ़ में एक गाँव है, मैं वहीं की रहने वाली हूँ। मेरा कद 5’4″ है, मेरी चूचियाँ 34″, कमर 28″ और नितंब 36″ इन्च नाप के हैं।
मुझे काले रंग की ब्रा और पैन्टी पहनना बहुत ही पसंद है और ऊपर से छोटा सा टॉप और कसी हुई जींस मुझे बहुत भाती है। इस तरह के कपड़े पहन कर मुझे चलते समय अपने चूतड़ मटकाना बेहद पसंद है।
हमारे घर में मेरे दो बड़े भाई, माँ और पिता जी हैं।

मेरी पढ़ाई पास ही के कस्बे में हो रही है। मैं इस साल बारहवीं में पढ़ रही हूँ। इससे पहले मैं जब गाँव आती थी तो गाँव के लड़के मुझे छेड़ा करते थे।
मैं उनको इतना गाली देती थी, पर बेशर्मों की तरह मेरे बुब्बुओं पर ही उनकी नजर रहती थी।

मैं जब जीन्स पहन कर बाहर जाती थी, तब सबकी नजर मेरे पिछवाड़े पर टिकी होती थी।

इन शीतकालीन छुट्टियों से पहले मैं जानती थी कि चुदाई क्या होती है फिर भी मुझे कभी चुदाई का शौक नहीं लगा।

इस बार सर्दियों की छुट्टी में मेरे भैया मुझे लेने गए।
मैं जीन्स एंव टी-शर्ट पहन कर बस स्टैंड पर उनका इंतजार कर रही थी, तभी शहर के 3-4 लौंडे मेरे नजदीक आए और मेरे चूतड़ों को सहलाते हुए मेरे रसदार दुद्दुओं को हाथ लगाने की कोशिश करने लगे।

मैंने उनको माँ-बहन की गाली दी और शोर मचाना शुरू कर दिया, तब वहाँ से वो लोग चले गए।

इतने मैं भैया आए, मैं उनके पीछे बैठी और गाँव आ गई।

पता नहीं, आशिक लोगों को कैसे पता लग जाता है कि मैं आ रही हूँ, सब अपने लण्ड हाथ में लिए हुए मेरा इंतजार कर रहे थे।

मैंने उनको भाव ना देते हुऐ अपने घर आ गई।

उसी रात को होमवर्क के लिए मुझे अपने सहेली को फोन करना था, इसलिए अपने भैया से मोबाइल माँगा और उससे बात करने लगी।
मैं जब मोबाइल लौटाने गई तो भैया सो गए थे।
तब मैं उनके मोबाइल को अपने कमरे में ले जाकर खेलने लगी।
मैंने देखा कि उनके इंटरनेट ब्राउजर पर नाईटडिअर नामक साइट खुली हुई है, शायद जल्दीबाजी में भैया बंद करना भूल गए थे।

ठंडी की रात थी मैं रजाई ओढ़ कर मोबाइल में नाईटडिअर की रसीली कहानियों को पढ़ने लगी।

जैसे ही चुदाई शब्द को पढ़ा, मेरी चूत फड़कने लगी।

मैंने तुरन्त मोबाइल को रजाई के नीचे छिपा दिया ताकि कोई देख ना ले।

उसके पश्चात मैंने भैया को मन में ही इतनी गालियाँ दीं कि पूछो मत।
मैंने सपने में भी नहीं सोची थी कि भैया भी इतने बुरे होंगे।
मैंने आँख बन्द करनी चाही पर रह-रह कर केवल नाईटडिअर का ख्याल ही मन में आता रहा।
धीरे-धीरे मेरा हाथ मेरी चूत की ओर बढ़ने लगा, मैं ना चाहते हुए भी अपनी चूत को सहलाने लगी।

कुछ समय पश्चात मेरी चूत में पानी आने लगा और मैं मदहोश होने लगी।
मेरे मम्मों पर मेरा एक हाथ था और दूसरा हाथ मेरी चूत पर था।

जब उत्तेजना में आकर ऊँगली से चूत में घर्षण किया और उसमें से गंगा-जमुना की धार बहने लगी, तब मुझे शांति मिली।

इसके बाद मेरा मन भाई के मोबाइल पर रहता और मौका पाकर मैं इन्टरनेट पर सेक्स साइट्स देखने लगी, चूत में उंगली, मोमबत्ती वगैरा घुसाने की कोशिश करती, मेरा ध्यान अब केवल उन आशिकों पर लगा रहता था जो मुझे लाइन मारते थे।

उसी छुटटी के दौरान एक दिन मैं दोपहर में खेत की तरफ बेर खाने गई।
मैं काली ब्रा के साथ चुस्त नीले रंग की जीन्स पहने हुई थी, मेरी ब्रा को छिपाने के लिये छोटा सा लाल रंग का टॉप था जिसमें से मेरे 34 साइज की चूचियाँ बड़े आराम से झाँक रही थीं।

अब मेरा मन और आंखें केवल मेरे आशिकों को खोज रही थीं।

तभी मेरे भैया ने मेरी मदद के लिए हमारे नौकर को भेज दिया। हमारा नौकर जिसे घर में मैं उसे भैया कहती हूँ, उसके लण्ड की ओर देखा और उसका साइज लगभग 8” का अंदाजा लगाया।

वो मेरे मम्मों को हमेशा घूर-घूर कर देखता रहता था।
मुझे लगा कि आज मेरा काम बन जाएगा।

तब मेरा ध्यान बेर खाने को छोड़ कर उसके लण्ड की तरफ हो गया। उसकी नजर मेरे मम्मों पर टिकी थीं। वह मुझसे कुछ नहीं कह पा रहा था पर उसकी नजर को देखकर मेरी मन में वासना जागने लगी।

शुरूआत मुझे ही करना था क्योंकि उसकी तो फट रही थी।

मैं तो पहले से ही यह सोचकर उत्तेजित थी कि यह अब मुझे चोदेगा, पर वो साला ‘भैया’ तो फट्टू निकला।

धीरे से मैंने गर्मी का बहाना बनाकर अपनी टॉप को हल्का सा उठाया और झुकी, जिससे मेरी चूची का आधा भाग दिखने लगा।

वो आँखें फाड़ कर देख रहा था।

तब मैंने सोची कि यह साला चोदू है, मन ही मन उसको इतना गाली दी, पर वो भी क्या करता, आखिर वो मेरा नौकर था।

तब बेर तोड़ने के लिए पत्थर मारने के बहाने मैं उस पर गिर गई और उसके दहकते लण्ड पर मैंने अपना हाथ लगा दिया।

मैं उसको ना चाहते हुए सहलाती रही।

वो तो था एक जवान मर्द कब तक सहता उसका डंडा आग की तरह दहक रहा था।
फिर उसने कस कर मुझे गले से लगा लिया।
उसके लौड़े में ऐसी ताकत थी कि किसी भी चीज में छेद कर सकता था, मैं उसकी सख्ती का अनुभव करके सिहर उठी।

मैंने उसके लण्ड को धीरे से निकाला और इधर-उधर ना देखकर सीधा चूसने लगी।

मेरी इस हरकत से उसके लण्ड में और ताकत आ गई और वो लौड़े को मेरे गले तक घुसाने की कोशिश करने लगा।

लंड का सुपाड़ा बड़ा होने के कारण मेरे मुँह में फँस रहा था और मैं लंड को मुँह में लिए उसे चूस नहीं पा रही थी।

लेकिन भैया के इरादे कुछ और थे उसने मेरे बाल पकड़े और मेरे मुँह में धक्के देने लगा।

मैं कुछ नहीं बोल पा रही थी और मेरी आँखों से आँसू निकलने लगे थे। भैया पूरी तरह से वहशी हो गया था और मेरे बालों को खींचते हुए मेरे मुँह को ही चूत समझ कर चोदने लगा था।

मेरी हालत बहुत ख़राब हो रही थी और आँसू भी लगातार बह रहे थे लेकिन भैया के धक्के लगातार तेज़ हो रहे थे।

वो मेरे बालों को इस तरह खींच रहा था जैसे मैं कोई रण्डी हूँ।

भैया का मुँह लाल पड़ गया था और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। मैं अपनी हालत से सचमुच में रोने लगी थी लेकिन उसको मेरे ऊपर जरा भी तरस नहीं आ रहा था।

वो तो किसी जानवर की तरह मेरे मुँह को चोदता जा रहा था। कभी वो मेरे बाल खींचता तो कभी मेरे गाल पर चपत लगाता, वो इतना वहशी हो गया था कि मुझे उससे डर लगने लगा था। मैं मन ही मन भगवान से प्रार्थना कर रही थी ‘मुझे बचा लो’

और भगवान ने मेरी पुकार सुन ली। भैया शायद झड़ने वाला था थे इसलिए उसने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाल लिया।

मैंने एक गहरी साँस ली और सिर पकड़ कर बैठ गई।

भैया बोला- सरोज ज़रा अपनी जीभ से मेरे लंड को चाट कर इसका पानी निकाल दो।

मैंने भैया के लंड की तरफ़ देखा वो अब भी तना हुआ खड़ा था, उसके लंड को देखकर मेरा शरीर गरमा गया, मैं घुटनों पर चलती हुई भैया के लंड के पास पहुँची और उसे हाथ में लेकर जीभ से चाटने लगी।

मेरे चाटने से भैया की सिसकारियाँ निकालने लगीं और वो बोलने लगा- शाबाश, मेरी सरोज… चाट और चाट.. अभी रसमलाई निकलेगी उसे भी चाटना।

इतना कहकर भैया ने एक जोर की ‘अह्ह्ह…’ के साथ वीर्य मेरे मुँह पर छोड़ना शुरू कर दिया, मेरा मुँह पूरी तरह से उनके वीर्य से नहा गया।

कुछ मेरे होंठों पर भी रह गया जिसे मैंने जीभ से चाट लिया और उसके बाद भैया के लंड को भी चाटकर साफ़ कर दिया।

अब भैया ने मुझे खड़ा किया और तौलिए से मेरा मुँह साफ़ कर होंठों से होंठ मिला कर चूमना शुरू कर दिया।

पांच मिनट की उस चूमा-चाटी ने मेरी उत्तेजना को चरम पर पहुँचा दिया और मेरी चूत लंड खाने के लिए बेकरार होने लगी।

भैया शायद इस बात को समझ गया था इसलिए उसने चूमते हुए ही मेरी जीन्स को निकाल दिया और अपना एक हाथ मेरी चूत पर ले गए और उसे सहलाने लगा।

मेरी बेकरारी भैया का स्पर्श अपनी चूत पर पाकर और बढ़ गई और मैं भैया से कहने लगी- अब और सहन नहीं होता, मेरी चूत में अपना लंड डाल… प्लीज़ मुझे चोद और बता चुदाई होती क्या है?

भैया बोला- सरोज, चिंता मत कर आज मैं तुझे वो मज़ा दूँगा जिसे तू जिंदगी भर याद रखेगी।

ऐसा कहकर भैया ने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत में डाल दी।
मैं उनकी ऊँगली को चूत में पाकर कसमसा गई और सिसकारियाँ लेने लगी।

भैया की ऊँगली मुझे पूरा आनन्द दे रही थी और मैं सिसकारियाँ लेकर मज़ा ले रही थी।

मुझे मज़ा लेते देख भैया ने अपनी दूसरी ऊँगली भी मेरी चूत में डाल दी और रफ्तार से अन्दर-बाहर करने लगा।

साथ ही अपने अंगूठे से मेरी चूत के ऊपरी हिस्से को रगड़ने लगा।

उसकी ऊँगलियाँ भी मुझे इतना मज़ा दे रही थी कि मुझे जन्नत का अनुभव हो रहा था, मुझे लग रहा था कि मैं आसमान में कहीं उड़ रही हूँ।

भैया की ऊँगली-चुदाई ने मुझे एक बार फिर झड़ने के लिए मजबूर कर दिया, मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया और मैं एक बार फिर निढाल होकर खेत में ही गिरने लगी, लेकिन इस बार भैया ने मुझे अपनी बाँहों में थाम लिया।

भैया ने मुझे उठा कर खेत में नर्म जगह पर लिटा दिया और मुझे चूमने लगा, भैया का एक हाथ अभी भी मेरी चूत को सहला रहा था।
उसका ध्यान मेरे वक्षस्थल पर गया उसने अपना मुँह मेरी 34 साइज़ की चूचियों पर रख दिया और बुरी तरह से मेरी घुंडियों को चूसने लगा, उनका हाथ बराबर मेरी चूत को सहला रहा था।

भैया काफी अनुभवी था, वो अच्छी तरह जानता था कि लड़की को कैसे गर्म किया जाता है।

वो ये सब मुझे फिर से गरम करने के लिए कर रहा था और वो इसमें सफल भी हो रहा था क्योंकि धीरे-धीरे मेरे अन्दर फिर से चुदास जागने लगी थी।

वो मेरी चूचियों को छोड़कर मेरी कमर पर आ गया, नाभि के आस-पास चुम्बन देते हुए वो सीधे मेरी चूत पर पहुँच गया और उसने अपने होंठ मेरी चूत के होंठों पर रख दिए।

उसके होंठों का अहसास पाकर मेरे मुँह से सिसकारी निकल पड़ी, भैया ने मेरी चूत चाटना शुरू कर दिया।

हाय… मैं क्या बताऊँ आपको.. उस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।

मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया.. अब अपना लंड डाल.. नहीं तो मैं मर जाऊँगी।
भैया ने मुझसे कहा- बस मेरी जान.. अब तुझे और इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।

ऐसा कहकर उसने मेरी दोनों टाँगें उठा कर अपने कंधे पर रखी और अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर रगड़ने लगा।

लंड को अपनी चूत पर पाकर मैं तड़प उठी और भैया से गाली देती हुई बोली- बहन के लण्ड.. क्यों तड़पा रहा है.. मादरचोद पेलता क्यों नहीं?

मेरी बात सुनकर भैया ने जोश में एक जोरदार धक्का दिया और उसका आधा लंड मेरी चूत चला गया।
मैं दर्द के मारे छटपटाते हुए भैया से लंड को बाहर निकालने के लिए बोलने लगी तो भैया ने जोरदार चांटा मेरे गाल पर रसीद कर दिया और बोला- साली कुतिया, घंटे भर से चिल्ला रही थी डाल… डाल.. अब डाल दिया तो चूत फट गई?

एक और जोरदार धक्के के साथ भैया ने अपना पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया।
मैं बुरी तरह से हाथ-पैर पटक कर भैया की कैद से छूटने की कोशिश करने लगी और चिल्लाने लगी- भैया, प्लीज़ मैं मर जाऊँगी, मेरी चूत फट जाएगी.. अपना लंड बाहर निकाल।

लेकिन भैया ने मेरी अनसुनी करते हुए एक और तेज़ धक्का दिया तो मेरे मुँह से चीख निकल गई।

मेरी चीख सुनकर भैया ने मेरा मुँह अपने एक हाथ से बंद कर दिया और धक्के देने शुरू कर दिए।
पांच मिनट तक भैया के जोरदार धक्के सहने के बाद मुझे मज़ा आने लगा और मेरे मुँह की चीखें कामुक सिसकारियों में बदलने लगीं।
अब मैं भैया को अपनी कमर उचका कर सहयोग करने लगी, भैया के धक्के लगातार तेज़ होते जा रहे थे और मेरी सिसकारियाँ और कामुक होती जा रही थीं।

दस मिनट के बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया लेकिन भैया अभी भी नहीं झड़ा था और धक्के मार-मार कर मेरी चूत का पूरा आनन्द ले रहा था।

चुदाई क्या होती है, चुदते समय मुझे मालूम हो गया, जितना मज़ा चुदाई में है उतना किसी और चीज़ में नहीं।
भैया के धक्कों की रफ़्तार शताब्दी एक्सप्रेस को भी मात कर रही थी।

मैं कामुक अंदाज़ में भैया के लंड की तारीफ़ कर रही थी।

‘भैया, प्लीज़ भैया आज मुझे जी भर चोद, मेरी चूत की प्यास को ठंडा कर दे।’

भैया ने मेरी बात का जवाब मुँह से ना देते हुए अपने लंड से दिया, धक्कों की रफ्तार को दोगुना करते हुए भैया ने मेरी रेल को मालगाड़ी बना दी, कुछ देर के बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरी चूत में कुछ गरम-गरम गिर रहा है, मैं समझ गई कि यह भैया का वीर्य है और उनके साथ मेरी चूत ने भी एक बार फिर पानी छोड़ दिया और इस तरह मेरी पहली चुदाई पूरी हुई।

यह मेरी पहली कहानी है इसके बाद स्कूल जा कर चुदाई का मजा अपनी सहेलियों को सुनाने लगी और फिर वहाँ भी चुदी लेकिन वह अगली कहानी में लिखूँगी।
आपके ईमेल का इंतजार रहेगा।
कुछ गलतियाँ हुई होंगी, प्लीज मेरी दहकती चूत को ध्यान में रखकर उन्हें भूलने की कोशिश कीजिएगा।
आप बताइएगा कि आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी.. इन्तजार में।



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


अजनबी के मोटे लड से बूर कि यादगार चोदाई कि नई सेक्सी कहानीtight jhatdar bur ki chudaगांव में कुत्ते से चुदवाती औरतचुदाईhardm csorem sexbuaa ki ganmarimasi se shadi ki sex kahaniyaJyoti ki chudai in hindi kahanididi ki chud bht tight thi storyपापा से चुत को भोषडा बनवाईसूहगरात सकयस वीडिय की भाई ने बहन को चोदा xxxwSeax video viilags pron xxxbf anti ko choda hindexxxnx nsbhi hindey repहवश कि रात कि सेक़स कहानियाjeth ne apne Lund ka virye chut me jhad ke pregnant Kiyaहिंदी सामूहिक चढाई गालियों के साथkaniyasaxyमारवाड़ी चुदाई२०१९xxxsex story hindimedidi ne mujhe dulhan bana jija se chudwaya antarvasna.comwww.hindi sex story audio.comchachi ko jabaedasti nanga kar k choda storyxxx videos pr hindhi me nangi films ke padhne wali stories.गेली कट की कड़ाई पोर्नPITI.AND.PETNI.HANDI.SEXY.SOTRI.COMMammy ke chkar me sadisuda didi chud gae hindi kahaniKamukta sasur ki malishwtf indin haus waif ne bujai kamwasna chikan.xxx.savita.भाभीमालिश चुत मे लंड कहानीsex smol cut mom cudai khaniSardi me bahan ki chut chudai kahaniaavja choot ki bhabhi ki chut mari hindi xnxxbahn adme sexe kahnie nightdear hot bhabhi ki chut ki chudai hindi me kahaniapni maa aur didi ko bhi chudwayasar jamai ki saxy khaniyasasu damad zavazavi kathasexi kahani widhwa bua ki jamkar chudaibdha lndh sex hdhii papa aur Chato na hindi kahani xxx17 mar 2018 ke kamleela hindiantervasna archive 87www sxey hindi kahanya wrtten hindi .comkmukta.comMa ka rape kiya maine sex storysawali ladki ki chut chudti hui xxx hdहिंदी ा********* सेक्स स्टोरी औरत की गांड में कुत्ते का लुंड सेक्स स्टोरीwww.kamukta.dot comxxx desy chudai story didi ki sadi me in hindixnx कि कहानिHindi kahani kutta se chudaichnti chut bada land sex kahaniya com/hindi-font/archivexxx rep storyhindi sexy stories blatkar la drishkamina sasu ne bahu ko choda kahani.comxxx bhai behan storiesbangal ki ladki ne chut chudbai bhangal me xxx hindi kahaniGf ki gand me ungli Dali indian sex storieswww.slave xxx stories antarvasnajabardasti choot faade bhai ne meri ( sex story )chitrshit sexe itori hindi meBhai bahan xxx story hindi me likhaHindi x story bhabi k dudh gandh ki chudaihindi chudaiचुत मे मूली डालीदीदी के चुची दुध हैsaks xnxxx bahi bahn ki coadai ki kahaniXxx bai bahan yar 16sexमैसी की चोदाई केबारे पडाईxxx hindi kahani bhabhi dasi gao ki Sardi ke dinboor phul gi papa ke lund dekharhindi chudai longsex story xxx chudai storiesAntvasna.comkamuktasexistori Sadhu Devrani Hindi meinxxxकामिनि की कामुक गाथा 18सेBhabhi hindi chudai kahaniyanmaine apni maa ko khet me choda hindi me kahanikahaneesexचूत कथादीदी की चुड़ै हुई उसके बॉयफ्रेंड के सामने हिंदी सेक्सी कहानी भाई ने देख लियाBahu ke sath raat gugari chudai kahanijeja sali sxye cudai ki khane hinde dyshidadaji nati sex kahani hindidesi bhabi ne apne dever se cutmarwaisexkehaninew xxx Story hindi mayxxx khanya saxगरभवती सास कि pornrndi.ma.biti.chodai.hindi Gundagardi chudai kahaniमामी को चोदाbolkar chut chatkar chudi वीडियोजंगल कि sexy कहाणीयाँcodaeki khanihindiwww.kamwali xnxxx video .co.in